किसी राष्ट्र के निर्माण में प्राथमिक शिक्षा की महती भूमिका होती है। इसी दृष्टिकोण से हमारे देश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम- 2009 लागू कर 6 से 14 आयु के सभी बच्चों को अनिवार्य एवं निःशुल्क प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने कर लक्ष्य रखा गया है। किन्तु उत्तर प्रदेश जैसे वृहद राज्य में सभी 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षा की परिधि में लाना एक अत्यन्त कठिन कार्य है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद सन् 1972 से प्रदेश के सभी जनपदों में परिषदीय विद्यालयों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रयासरत है। जिसके अन्तर्गत उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद अपने लगभग 1,13,500 प्राथमिक एवं 45,700 से अधिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शिक्षा प्रदान करने सम्बन्धी दायित्व का निर्वहन कर रहा है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु पाठ्यक्रम के निर्धारण, पुस्तकों के निर्माण, विद्यालयों में अध्यापकों की नियुक्ति एवं सेवा शर्तों के निर्धारण के साथ ही सभी शैक्षिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। परिषद उत्तर प्रदेश राज्य में प्राथमिक शिक्षा के वृहद ढांचे के नियमन एवं संयोजन में महती भूमिका प्रदान करते हुए अध्यापकों के हित में भी महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इसी दृष्टिकोण से परिषद अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण के माध्यम से प्रदेश के दूर दराज के क्षेत्रों में कार्य कर रहे अध्यापक/अध्यापिकाओं को उनके वांछित जनपदों में स्थानान्तरण की सुविधा प्रदान करता है।